Sunday, October 2, 2022
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केवल ब्लैक एंड व्हाइट फिल्मों में देखी थी बस और टैक्सी, फिर सपनों को सच करने पहुंचे मुंबई और आज हैं करोड़ो के मालिक !

भारत के जाने माने कंपनी वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड के कार्यकारी अध्यक्ष और साथ ही संस्थापक, अरबपति व्यापरी अनिल अग्रवाल ने अपने एक मीडिया के िनीतेर्विएव में बताया, कि आखिर किस तरह से उन्होंने अपने शुरुवाती समय में अपने सपने को पूरा करने के लिए अपना घर छोड़ने का फैसला किया था, जब वो कम उम्र के सिर्फ एक युवा थे। इस बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे वो सिर्फ एक टिफिन बॉक्स साथ में कुछ बिस्तर और अपने बड़े सपनों के साथ मुंबई शहर के लिए अकेले निकल पड़े। बता दें कि अग्रवाल भारत के उन लाखों लोगों में से एक हैं जो कि हर साल अपने बड़े सपनों के शहर और साथ ही खुद को भी एक बड़ा व्यक्ति बनाने की उम्मीद के साथ मुंबई में पहुंचते हैं। बताया जाता है कि आज करीब 3.6 बिलियन डॉलर (मशहूर फोर्ब्स रिपोर्ट के अनुसार) कमाने वाले, उन लाखों लोगों में से एक हैं जो अपने सपने बुनने में सफल होते हैं।

बीते कुछ समय पहले अपने शेयर किए गए एक ट्वीट में, 67 वर्षीय विजनेसमैन अनिल अग्रवाल ने अपने उन दिनों को याद किया जब वह अपने राज्य और घर बिहार को छोड़कर सपने पुरे करने मुंबई पहुंचे थे। इस विषय में उन्होंने लिखा था कि, ‘हर साल मुंबई शहर में अपनी किस्मत और अपने सपने को पूरा करने के लिए लाखों लोग आते हैं और “मैं भी उनमें लोगों में से एक था। मुझे आज भी वह दिन याद है जिस दिन मैंने अपने साथ केवल छोटा सा टिफिन बॉक्स, बिस्तर और इसके अलावा अपनी आंखों में कुछ बड़े सपने लेकर बिहार को छोड़ा था।”

उन्होंने अपने बीते दिनों को याद करते हुए कहा, कि वह उस समय मुंबई के प्रतिष्ठित और मशहूर विक्टोरिया टर्मिनस स्टेशन पर पहुंचे थे और वहां पर कुछ ऐसे-ऐसे नजारे देखे जो उन्होंने तब तक सिर्फ और सिर्फ कुछ फिल्मों में ही देखे थे। इसके आगे अग्रवाल ने यह भी लिखा, “मैंने मुंबई में आते ही एक काली पीली रंग की टैक्सी, साथ ही एक डबल डेकर वाला बस और कुछ फिल्मों में देखे सपनों का शहर मुंबई को देखा और तब तक ये सब मैंने केवल कुछ फिल्मों में देखा था।”

अंत में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन ने लिखा कि, “अगर किसी भी काम के लिए आप अपने मजबूत इरादे के साथ ही पहला कदम उठाएंगे तो आपको आपकी मंज़िल मिलना तय ही है।”

गौरतलब है कि भारत की मशहूर वेदांत एक खनन करने वाली कंपनी है जिसे भारत के मशहूर व्यापारी अनिल अग्रवाल ने जमीनी स्तर से बनाया है। लगे हाथ आपको ये भी बता दे कि स्क्रैप मेटल डीलरशिप करने के रूप में मुंबई शहर में स्थापित हुई यह कंपनी आज के समय में भारत की सबसे बड़ी और मशहूर खनन कंपनियों में से एक मानी जाती है। अभी कुछ हाल के वर्षों में, वेदांत कंपनी को ओडिशा राज्य के मशहूर नियमगिरि पहाड़ियों में अपने खनन के संचालन और प्रबंधन के लिए विभिन्न तरह के मानवाधिकार और साथ ही पर्यावरण कार्यकर्ताओं की समूहों का कड़ी आलोचना का सामना भी करना पड़ा है। तमिलनाडु राज्य के तूतीकोरिन जिले में, जिसे की गवर्नमेंट में आधिकारिक तौर पर थूथुकुडी के नाम से भी जाना जाता है, ने वेदांत खनन कंपनी पर अपने इस कारखाने से क्षेत्र की हवा और साथ ही भूजल को बुरी तरह से प्रदूषित करने का भी एक बड़ा आरोप लगाया है।

चलते-चलते आपको बता दें कि कंपनी के फाउंडर अनिल अग्रवाल इससे पहले भी कई बार अपनी इस विनम्र शुरुआत के बारे में लोगो और श्रोताओं को बता चुके हैं। साथ ही इन्होने रेडिफ पर प्रकाशित साल 2005 के अपने एक पब्लिक इंटरव्यू में उन्होंने साल 1970 के दशक में ही अपनी सिर्फ 19 साल की छोटी उम्र में ही मुंबई जैसे बड़े शहर में आने की बात कही थी और फिर कभी भी अपने शहर पटना वापस घर न जाने की भी बात बताई। इसके अलावा उन्होंने कई बार याद करते हुए यह भी कहा कि, “कुछ सालों पहले यह पहली बार था जब मैं किसी विमान में (बतौर एक छात्र रियायत पर) बैठा था और पूरी उड़न के समय चुप रहा क्योंकि उस दौरान मैं अंग्रेजी का एक शब्द भी नहीं बोल पता था।”

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