आंखों से देख नहीं सकते यह शख्स फिर भी कैसे 2021 के यूपीएससी में हासिल की 7वां रैंक! पढ़े मोटिवेशनल स्टोरी..

Posted On:06/26/22

इस दुनिया कई तरह के लोग होते हैं जैसे कि बुद्धिमान, तेज़ तर्रार, किसी अंग से अपाहिज लेकिन फिर भी वो अपनी इच्छा शक्ति कि बदौलत वो एक सफल स्थान प्राप्त कर ही लेते हैं और वैसे भी इस बात को किसी शख्स ने बिलकुल सच ही कहा है कि ‘झुकती है यह दुनिया, बस कोई झुकाने वाला चाहिए!’ इसके अलावा यह भी कहते हैं कि अगर किसी बात को ठान लिया जाए तो कभी भी कोई भी ऊंचा मुकाम हासिल किया जा सकता है। ऐसे में आज हम आपको एक ऐसे ही जिद्दी दिल शख्स की कहानी के बारे में इस लेख के माध्यम से बताने जा रहे हैं, जो हम सभी रीडर्स के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं और हमारे इस कहानी के हीरो का नाम सम्यक जैन हैं। आपको यह बात जानकर बेहद हैरानी होगी कि सम्यक जैन देख नहीं पाते हैं। ऐसे में भले ही वो अपनी दोनों आंखों से नहीं देख पाते हैं, मगर इस सब के बावजूद भी सपने देखना उन्होंने कभी भी बंद नहीं किया। अपने जीवन में आये तमाम तरह की विपरित परिस्थितियों और परेशानियों में भी वो अपने लक्ष्य के प्रति हमेशा ही डटे रहे और इसी डेडिकेशन की वजह से उन्होंने इतिहास रच दिया। ऐसे में आज के समय में पूरा देश इनकी इस सफलता में साथ खड़ा है और प्रेणना भी ले रहा है। भारत के सबसे कठिन और सबसे पड़े सेवा के पद के लिए मशहूर यूपीएससी 2021 की परीक्षा में दमदार तरीके से 7वां स्थान प्राप्त कर सम्यक ने दुनिया को यह बता दिया कि आखिर हौसले से उड़ान होती है, और पंख तो बस एक कहानी है।

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वैसे आपको ये भी बता दें कि सम्यक जैन दिल्ली शहर के रहने वाले हैं और उनकी प्रारम्भिक स्कूली शिक्षा मुंबई शहर से हुई है और फिर वापस दिल्ली आकर उन्होंने प्रतिष्ठित दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरी की है। सिर्फ यही नहीं बल्कि मशहूर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC) से इंग्लिश जर्नलिज्म का कोर्स भी किया है और इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली के ही जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन में एमए की डिग्री भी प्राप्त की हुई है। गौरतलब है कि सफल हुए पुरे 685 उम्मीदवारों में एक नाम दिल्ली के रोहिनी क्षेत्र में रहने वाले यूपीएससी एस्पाइरेन्ट सम्यक एस जैन का ऑल इंडिया में 7वीं रैंक प्राप्त हुआ है।

करीब 20 साल की उम्र में सम्यक की आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कम होना शुरू हुई, ऐसे समय में सम्य की मां ने ही हर तरह की मदद की और साथ ही अपने बेटे के लिए कॉपी भी वही लिखा करती थीं। इस सब के साथ ही साथ सम्यक के हर तरह के पढ़ाई के लिए काफी मदद करती थीं और उस सब त्याग का आज रिज्लट पूरी दुनिया के सामने आ चूका है।  इस सफलता को पाने के बाद अपने ट्वीट में सम्यक ने लिखा है कि आईआईएमसी के कारण ही वो आज हैं और हमेशा के लिए उसके शुक्रगुजार रहेंगे।