Sunday, October 2, 2022
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मंगल दोष से छुटकारा पाने के लिये ये खास उपाय, जानिए क्या हैं इसके लक्षण

अगर कुंडली के लग्न भाव, चतुर्थ भाव, सप्तम भाव, अष्टम भाव या द्वादश भाव में मंगल स्थित हो तो यह मंगल दोष या कुजा दोष कहलाता है. इसे मांगलिक दोष भी कहा जाता है, ऐसा मानना है कि इसके कारण वैवाहिक जीवन में दिक्कतें पैदा होती हैं. मंगल दोष से छुटकारा पाने के लिये ये खास उपाय, जानिए क्या हैं इसके लक्षण

मानव जीवन में यह देखा गया है कि मुसीबतें किसी न किसी कारण से आती हैं। व्यक्ति अपने जीवन की परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए हर संभव प्रयास करता है लेकिन उसे सफलता नहीं मिलती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में कोई ग्रह अशुभ प्रभाव दे रहा हो तो वह जीवन में भी परेशानी का कारण बनता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल दोष हो तो उसे कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

कुंडली में मंगल दोष के कारण कर्ज का बोझ बढ़ता है, भूमि संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं व्यक्ति को रक्त संबंधी रोग भी होने लगते हैं। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको मंगल दोष कैसे होता है, इसके लक्षण क्या हैं और इसके अशुभ प्रभावों से कैसे बचा जाए, इसकी जानकारी देने जा रहे हैं।

जानिए कुंडली में कैसे होता है मंगल दोष

आपको बता दें कि जन्म कुण्डली में यदि मंगल किसी भाव में बैठा हो तो इस दोष के कारण ऐसा प्रतीत होता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में स्थित हो तो ऐसी स्थिति में मंगल दोष बन जाता है। मंगल की यह स्थिति वैवाहिक जीवन के लिए शुभ नहीं मानी जाती है। यदि किसी ग्रह की दृष्टि मंगल पर पड़ने लगे तो मंगल दोष का प्रभाव कमजोर पड़ने लगता है।

जानिए क्या हैं मंगल दोष के लक्षण

यदि विवाह में मंगल किसी व्यक्ति की कुंडली में स्थित हो तो यह व्यक्ति में अत्यधिक स्वभाव, क्रोध और अहंकार का कारण बनता है।

यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल चौथे स्थान पर हो तो यह व्यक्ति के जीवन में सुख कम देता है। पारिवारिक जीवन में मुश्किलें आने के योग हैं।

यदि मंगल सप्तम भाव में हो तो यह वैवाहिक समस्याओं का कारण बन सकता है।

यदि मंगल अष्टम भाव में स्थित हो तो यह वैवाहिक सुख में कमी, ससुराल पक्ष में सुख की कमी या ससुराल पक्ष के साथ संबंधों में गिरावट का कारण बनता है।

यदि मंगल द्वादश भाव में हो तो विवाह में परेशानी होती है। इतना ही नहीं मंगल शारीरिक क्षमता में कमी, रोग और संघर्ष को भी जन्म देता है।

मंगल दोष से बचने के लिए करें ये उपाय

यदि आप अपनी कुंडली में मंगल को बलवान बनाना चाहते हैं तो इसके लिए “O भौमय नमः और Om अंगरकाय नमः” मंत्र का जाप करें।

कुंडली में मंगल ग्रह को मजबूत करने के लिए हर मंगलवार का व्रत करें और हनुमानजी को बूंदी का प्रसाद चढ़ाकर लोगों में बांटें।

मंगलवार के दिन आप हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें।

आप मंगलवार को लाल वस्त्र धारण करें।

मंगलवार के दिन आप हनुमान मंदिर में लाल सिंदूर चढ़ाएं और जरूरतमंदों को लाल दाल या लाल कपड़ा दान करें।

यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल दोष हो तो उससे छुटकारा पाने के लिए लाल मसूर की दाल, लाल कपड़ा, लाल गुलाल, दूध, दही, चीनी, घी, शहद से पूजा करें।

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