भोलेनाथ के ये 6 उपाय करेंगे सभी दुखों का नाश, नहीं होगी घर में पैसों की कमी

भोलेनाथ के ये 6 उपाय करेंगे सभी दुखों का नाश, नहीं होगी घर में पैसों की कमी

23 जुलाई से श्रावण मास की शुरुआत हो रही है। यह मास प्रत्येक वर्ष आषाढ़ मास की पूर्णिमा के दिन से प्रारंभ होता है। शिव भक्तों के लिए यह महीना बेहद खास होता है। इस महीने में भक्त भगवान शिव की बहुत पूजा करते हैं। कहा जाता है कि इस महीने में भोलेनाथ अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं। ऐसे में यदि आप श्रावण मास में कुछ विशेष उपाय करते हैं तो जीवन की कई समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।

सुखी वैवाहिक जीवन के लिए

यदि आपके दाम्पत्य जीवन में कोई समस्या आ रही है तो श्रावण मास में कुछ विशेष उपाय करके आप अपनी समस्या को दूर कर सकते हैं। इस माह में पति-पत्नी को प्रतिदिन शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। इस दौरान आप शिव से कोई भी मनोकामना भी मांग सकते हैं।

इसके अलावा पति-पत्नी हर सोमवार को शिव के नाम पर व्रत रखते हैं। इससे आपके वैवाहिक जीवन में चल रही सभी परेशानियां समाप्त हो जाएंगी। अगर किसी कारण से दोनों एक साथ ऐसा नहीं कर पाते हैं तो दोनों में से कोई एक यह उपाय कर सकता है।

धन की समस्या के लिए

अगर आप आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं तो शिवाजी आपकी मदद कर सकते हैं। आप श्रावण मास में ही घर में शिवलिंग की स्थापना करें। इसके बाद इस शिवलिंग की प्रतिदिन हृदय से पूजा करें। भगवान को अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में बताएं। आपके धन की समस्या दूर होगी। धन कमाने के नए अवसर प्राप्त होंगे। पैसा बर्बाद नहीं होगा।

काम के लिए

अगर आप नौकरी की तलाश में हैं या किसी बड़ी कंपनी में अच्छी नौकरी या प्रमोशन चाहते हैं तो यह उपाय करें। श्रावण मास के किसी भी सोमवार को माता पार्वती को चांदी की मछली या पायल चढ़ाएं। साथ ही दूध से शिव का अभिषेक करें। महिलाएं पार्वती को शहद भी चढ़ा सकती हैं। इससे आपको मनचाहा काम मिल जाएगा।

दर्द दूर करने के लिए

इस उपाय से जीवन में किसी भी तरह का दुख दूर हो जाएगा। श्रावण मास में आप बैलों को हरा चारा खिलाएं। नंदी शिव को प्रिय हैं। उसे प्रसन्न करने से शिव भी प्रसन्न होंगे। तब यह आपके जीवन की सभी परेशानियों को दूर कर देगा।

रोगों से मुक्ति के लिए

अगर आप बार-बार बीमार पड़ते हैं या कोई बीमारी आपका पीछा नहीं छोड़ रही है तो करें ये उपाय श्रावण मास में किसी भी सोमवार को भगवान शिव का सरसों के तेल से अभिषेक करना चाहिए। इसके बाद ‘om नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से सभी प्रकार के रोग दूर हो जाते हैं।

शनि के प्रकोप से बचने के लिए

यदि आपकी कुंडली में शनि की अशुभ दृष्टि है तो इससे बचने के लिए शनिवार के दिन श्रावण मास में काले तिल के जल से शनिदेव का अभिषेक करें। इसके अलावा पंचाक्षर मंत्र ‘Om नमः शिवाय’ की माला का जाप करें। ऐसा करने से आप शनि के प्रकोप से बच सकते हैं। साथ ही दुर्भाग्य भी पीछे छूट जाता है।

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